निराशा का अंधकार मत चुनो

क्यों सोचते हो, आत्महत्या के बारे में?
सोचो अपनों के और चाहनेवालों के बारे में।

तुम अकेले नहीं हो,
तुम्हारा परिवार और दोस्त भी हैं।

जीवन में हर तरह का संघर्ष है,
इसलिए हमारे मन में मानसिक शक्ति है,
मानसिक शक्ति से संघर्ष को दूर करो।

जीवन में हर तरह की तकलीफें है,
इसलिए हमारे भीतर हौसला है,
हौसले से तकलीफों को दूर करो।

मन के हारे हार, मन के जीते जीत,
मन की शक्ति को पहचानो।

तुम सिर्फ तकलीफों से नहीं घिरे हो,
सब यहां तकलीफों से घिरे हैं,
तकलीफों का स्वीकार करो।

तुम तकलीफों को बड़ा मत मानो,
तुम्हारा मनोबल बड़ा है,
मनोबल से तकलीफों का सामना करो।

आत्महत्या तो भाग जाना है, यह समाधान कैसे है?
बुरे वक्त में टिक जाना है, यह समाधान है।

तकलीफों से हार कर,
अपने अस्तित्व को मिटाना नहीं है।
तकलीफों से लड़ कर,
अपने अस्तित्व को नया आकार देना है।

तुम खुद पर श्रद्धा रखकर,
जीवन को विशाल दृष्टिकोण से देखो।
तुम खुद सबूरी (धैर्य) का गुण सीखकर,
जीवन को विशाल दृष्टिकोण से जीओ।

आत्महत्या को मत चुनो,
श्रद्धा और सबूरी को चुनो।
निराशा का अंधकार मत चुनो,
आशा का प्रकाश चुनो।

17 comments

  1. Woww

    क्या लिखा गजब लिखा
    कर रहे हो मजबूत यहां
    भटका मानव फिर धरा पर
    लड़े काल कोरोना से दिखे यहां।।

    सब कर रहै सँघर्ष
    कई हिम्मत हारे यहा
    बिखरे घरों के तिनके उनके
    पढ़ शायद घर बचाले अपना यहा।।

  2. दीदी बात तो सही है एक दम लेकिन जब हम निराशा के गोद में चले जाते है तब सिर्फ नकारात्मक विचार ही आते। और इन सबका सबसे बड़ा कारण अकेलापन है। जब सब साथ छोड़ देता है तब निराशा का गोद ही मिलता हा इंसान को😟

    • हा..एसा तो होता ही है.. क्योंकि इंसान अकेला नहीं रह सकता..निराश होना स्वाभाविक है.. इसके लिए मैं कुछ पंक्तियां कहूंगी,

      तब भी तू आशा का हाथ थामकर रखना,
      तेरा यह प्रयास बेकार नहीं जाएगा।

      आज किसी ने साथ छोड़ा, तो क्या?
      अपने कभी दूर नहीं जाते,
      आज नहीं तो कल, तू साथ पा ही लेगा।

      अकेलेपन को तू एकांत में बदल देना,
      जब तक तू अकेला है,
      तब तक तू तेरे साथ रहना,
      खुद को प्रेम करना,
      खुद को नया बनाना,
      खुद को परखना।

      यही कला है अकेलेपन को एकांत में बदल ने की।

      पर तब भी तू आशा का हाथ थामकर रखना,
      तेरा यह प्रयास बेकार नहीं जाएगा।

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