आज की सुबह कुछ खास है

ताजगी भरी आज की सुबह,
खुशनुमा भरी आज की सुबह।

आज की सुबह कुछ खास है,
आज की सुबह कुछ संदेश लाई है।

सूर्य की किरणें जैसे दिल के भाव से,
ताल से ताल मिलाकर कह रही हो।

अब तेरी मेहनत रंग लाएगी,
अब तेरी मंज़िल नज़दीक है।

तुने जो तप किया था,
उस पर विजय पाना नज़दीक है।

अंत: मन की आवाज़, पवन के झोंके की आवाज़
मानो ताल मिलाकर ताजगी दे रही है।

दिल की आवाज़, प्रकृति की आवाज़ से,
मानो ताल मिलाकर ताजगी दे रही है।

वो ताजगी में एक चमक है,
मेरी खुशीयां पा लेने की चमक है।

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