Hanuman Jayanti

हनुमान जयंती के पवित्र दिन परहनुमान जी का ध्यान करते है। हनुमान जी के गुणों से प्रेरणा लेकरअपना आध्यात्मिक विकास करते है। सेवाभावी बनने की कोशिश करते है,विनम्र बनने की कोशिश करते है। ख़ुद के आदर्शों परचलने की कोशिश करते है। ख़ुद के लक्ष्य के प्रति समर्पणभाव रखने की कोशिश करते है। जीवन के प्रश्नों... Continue Reading →

त्रिदेवी की आराधना का पर्व

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। नवरात्रि का पर्व आया है,नवदुर्गा शक्ति का पर्व आया है। भक्ति के रंग में डुबना है,आध्यात्मिक विकास करना है। त्रिदेवी की आराधना में खुद को खो देना है,त्रिदेवी की आराधना से खुद को संवारना है। खुद के दु:खों से उपर उठना है,खुद में प्रसन्नता को ढूंढना है। काली स्वरूप तमस का प्रतीक... Continue Reading →

हमारी शक्ति का स्रोत [संस्कृत श्लोक- (5)]

जब हम दुनियादारी की स्वार्थ वृति से टूट जाए, तब हमें यह श्लोक निस्वार्थ वृति को फैलाने की शक्ति देता है। हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने देगा, गर विश्वास है तो ईश्वर हमारे साथ ही है क्योंकि वह हमारे भीतर ही है, हमें ही भीतर देखना है। यह श्लोक का अर्थ हम सभी को... Continue Reading →

गुरु के लिए नया नज़रिया दर्शाती हुई कविता! (दूसरा भाग)

गुरु का महत्व- संस्कृत श्लोक (पहला भाग) भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु (तीसरा भाग) ગુરુ એ જ આધાર प्रेरकः सूचकश्वैव वाचको दर्शकस्तथा । शिक्षको बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः ॥भावार्थ :प्रेरणा देनेवाले, सूचन देनेवाले, (सच) बतानेवाले, (रास्ता) दिखानेवाले, शिक्षा देनेवाले, और बोध करानेवाले – ये सब गुरु समान है । मैंने इस स्तोत्र से प्रेरणा लेकर एक रचना लिखी... Continue Reading →

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