અંતરનો સંઘર્ષ (अंतर का संघर्ष)

અંતરના સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ,માનસિક સંઘર્ષ ને હવે રોકી દઈએ. કયા સુધી અધૂરપ અનુભવીશું? કયા સુધી કડવી યાદો ને સાચવીશું? મનમાં ભરાયેલો રોષ કાઢવો પડશે ને,કોના માટે કાઢવો પડશે? આપણા જ મન ની શાંતિ માટે,આપણા જ મન ની ખુશી માટે. સ્વીકાર માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ,પૂર્ણતા માટે હવે પ્રયત્નો કરીએ. અપશબ્દો બોલનાર પર દયા દાખવી... Continue Reading →

हमारी शक्ति का स्रोत [संस्कृत श्लोक- (5)]

जब हम दुनियादारी की स्वार्थ वृति से टूट जाए, तब हमें यह श्लोक निस्वार्थ वृति को फैलाने की शक्ति देता है। हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने देगा, गर विश्वास है तो ईश्वर हमारे साथ ही है क्योंकि वह हमारे भीतर ही है, हमें ही भीतर देखना है। यह श्लोक का अर्थ हम सभी को... Continue Reading →

#quotes #भक्ति #भक्ति का उद्देश्य

भक्ति का उद्देश्य कामना पूर्ति नहीं है पर कामनाओं का नाश है। कामना पूरी हो तो हम यह करेंगे यह तो व्यापार हो गया, जैसे कि कोई service का charge दे रहे है। भक्ति का मूल उद्देश्य जीवन में शिवत्व की प्राप्ति है, जीव का शिव से मिलन है, आध्यात्मिक प्रगति तभी होती है, जब... Continue Reading →

सर्वोत्तम ध्यान

ध्यान लगाना ही है,तो परमात्मा पर लगाए। किस रिश्ते से क्या नहीं मिला,उस पर ध्यान न लगाए। परमात्मा ने हमे बहुत कुछ दिया,उस पर ध्यान लगाए। जो भी मिला है, उसके लिए कृतज्ञ रहे,खूबसूरत लम्हों पर ध्यान लगाए। जो नहीं मिला है, उस पर ध्यान लगाकर,क्यों लम्हों को बदसूरत करना? ध्यान लगाना ही है,तो परमात्मा... Continue Reading →

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Poetry gives the inspiration to live life artistically.Harina Other posts: मेरी लेखनी, मेरी धुन / My Writing, My Passion QUOTE #ART #ARTIST quote #Love #Law of Love

सपने से अर्थ पाने का सफर

तुम सपना देखो और पूरा करो,तुम्हे सपने से मकसद मिलेगा,मकसद पर चलकरजीवन का नया अर्थ मिलेगा।हो गया ना, सपने से अर्थ पाने का सफर! मेरी पहली किताब Buy Now: Jivan Ke ShabdAmazon Link: Jivan Ke Shabd

उपनिषद वचन

“अन्नं ब्रह्म।” यह वचन उपनिषद में है, जिसका सीधा सीधा शाब्दिक अनुवाद करें तो एसा होगा कि भोजन ब्रह्म है। [अंग्रेजी में फुड इज गोड( Food is God)] पर इतने महत वचनों के सीधे सीधे शाब्दिक अनुवाद नहीं होते, एसे वचनों को समझना पड़ता है, गहराई के भाव को जानना पड़ता है। “अन्नं ब्रह्म” का... Continue Reading →

मेरी पहली किताब

मैं आप सभी के साथ मेरा पहला कविता संग्रह "जीवन के शब्द" के बारे में साझा करना चाहती हूँ। मैंने इस कविता संग्रह में ज़िंदगी के विभिन्न पहलुओं को सुंदर शब्दों में पिरोया है। रोज़-बरोज की ज़िंदगी में जो मुश्किलें आती हैं रिश्तों में, सपनों को पाने के लिए, हमारे कार्य क्षेत्र में, उनका समाधान... Continue Reading →

#श्री कृष्ण श्लोक #माधव #Shri Krishna shloka #Madhav

मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिं।यत्कृपा तमहं वन्दे परमानंद माधवम्।। भावार्थ: श्री कृष्ण की कृपा से जो गूंगे होते है वो भी बोलने लगते हैं, जो लंगड़े होते है वो पहाड़ों को भी पार कर लेते हैं। उन परम आनंद स्वरूप माधव की मैं वंदना करती हूं। Translation in English: Mukam karoti vaacaalam pangum langayate... Continue Reading →

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