तड़पता है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को। ज़ख्म है ताज़ेपर शब्द नहीं हैबयां करने को। गम का सैलाब है दिलपर शब्द नहीं हैबयां करने को।
तुम मेरा आयना हो
''YE AINAA HE'' song from Kabir Singh movie inspired me to write a beautiful poem and sing a song. Hope you like it! My expression in the form of poetry. तुम मेरा आयना हो। तुम से ही मैंनेखुद को देखा। तुम से ही मैंनेमेरी खूबसूरती देखी। तुम से ही मैंनेमेरी हर अदा देखी। तुम से... Continue Reading →
मेरे लिए, तुम क्या हो?
मेरे लिए, तुम क्या हो?तुम ने मुझे, क्या दिया है? तुम वसंत हो, मेरे जीवन की।तुम बहार हो, मेरे जीवन की। तुम रौनक हो, मेरे जीवन की।तुम चमक हो, मेरे जीवन की। मेरे अधुरेपन को,तुने पूर्णता दी है। मेरे तन्हा दिल को,तुने साथ दिया है। तुम श्रृंगार हो मेरे,तुमने ज़िंदगी को सजा दिया।
ज़िंदगी के लम्हे
ज़िंदगी का हर लम्हाउलझनों में ही,क्यों बिताते हो? ज़िंदगी के कुछ लम्हे,ज़िंदगी का आनंद लेने में भी बिताए। ज़िंदगी का हर लम्हाडर में ही,क्यों बिताते हो? ज़िंदगी के कुछ लम्हे,ज़रा खुल कर भी बिताए। ज़िंदगी का हर लम्हारोने में ही,क्यों बिताते हो? ज़िंदगी के कुछ लम्हे,हंसने के मौके ढूंढने में भी बिताए।
अगर आप की इच्छा हो तो
Reference of this picture: https://www.facebook.com/415168005226783/posts/2744799328930294/?sfnsn=mo यह बात से प्रेरणा लेकर, मैंने एक रचना की है, जो इस प्रकार से है। अगर आप की इच्छा हो तो हर लम्हा बेहतरीन,बनाया जा सकता है,अगर आप की इच्छा हो तो। हर दिन को त्योहार,बनाया जा सकता है,अगर आप की इच्छा हो तो। अगर या मगर,आप छोड़ दे,तो कुछ... Continue Reading →
कुदरत का क्रम
बसंत ऋतु है तो पतझड़ भी तो है,बेवजह तो नहीं है,यह कुदरत का क्रम है। तेरी अगर बनती है,तो बिगड़ेगी भी।तो फिर क्यों निराश है?यह कुदरत का क्रम है। तुझे गिरने के बाद बस उठना है,उठने के बाद फिर से प्रयत्न करना है,फिर से तेरी प्रगति होगी।यह कुदरत का क्रम है। बसंत ऋतु है तो... Continue Reading →
ज़ख्मों को व्यक्त कर, आगे बढ़ जाना
क्यों गले से लगाकर रखते हो,ज़ख्मों को? क्यों पनाह दे रहे हो,दर्द को? ज़रा खुल के रख दो,अपने ज़ख्मों को। ज़रा हलका कर दो दिल को,आजाद हो जाओ। बारिश में अपने,ज़ख्मों को बह जाने दो। पवन की तेज़ गति में अपने,ज़ख्मों को उड़ जाने दो। ज़ख्मों को पाकर, थम न जाना।ज़ख्मों को व्यक्त कर, आगे... Continue Reading →
मेरी लेखनी, मेरी धुन / My Writing, My Passion
I got this reminder from WordPress today and I feel very nice, 200 posts! I never thought when I started my blog that how my journey will be beautiful here. Thank you so much to all my fellow bloggers, friends, family who read my blogs regularly. I started my blog in 2017 and it's been... Continue Reading →
आज कोई कविता लिखी जाए
चलो! आज कोई कविता लिखी जाए। दिल में झांककर जज़्बात को पढ़ा जाए। जज़्बात को शब्दों में पिरोया जाए। शब्दों को पिरोकर अर्थ दिया जाए। अपने भावों को व्यक्त किया जाए। आज का दिन खूबसूरत बनाया जाए। चलो! आज कोई कविता लिखी जाए।
