शिवो भूत्वा शिवं यजेत।अर्थात्शिव बनकर ही शिव की पूजा करें। इसका यह मतलब है कि हर एक जीव शिव का ही अंश है, यह अनुभूति के साथ उनकी पूजा करें। आराधना करें तो शिव में खोकर करें। हम शिव से अलग नहीं है, हम शिव का ही अंश है, यह विचार मात्र से ही भगवान... Continue Reading →
मेरे विचारों की माला #राह #बेरंग #दुनिया की शक्ल #खुद के अंदाज़
लोग जिस राह पर चलाना चाहते हैं, उस राह पर ज़बरदस्ती से चलकर हम बेरंग हो जाते है पर खुद की इच्छाओं को जानकर, खुद के रंगों को जानकर, राह चुनेंगे तो ज़िंदगी में खूबसूरती का रंग होगा। दुनिया की शक्ल में ढलकर बेरंग नहीं होना है,पर खुद के अंदाज़ में रहकर खुद के रंग... Continue Reading →
मेरे विचारों की माला
#आशीर्वाद विचारों की माला के अन्य पोस्ट: स्वयं अपना नेतृत्व करें (BE YOUR OWN LEADER ) अश्क विरोधाभासी व्यवहार पर कुछ पंक्तियां रिश्तों को गहरा बनाने का तरीका / RELATIONSHIP MANTRA दिल में आग (SET YOUR SOUL WITH FIRE)
#मन के भाव #विचारो की माला
किसी के मन के भाव जानने है,तो हर बार शब्दों की ही ज़रूरत नहीं पड़ती। किसी को समझने के लिए, इच्छा होनी चाहिए,किसी को परखने के लिए, नज़र होनी चाहिए। तो किसी के मन के भाव,दिल से भी पढ़ें जा सकते है। विचारो की माला के अन्य ब्लॉग: विचारो की माला- गिरने का डर (सवाल-जवाब... Continue Reading →
🌼प्रभात प्रार्थना (2)🌼
हे देवी-देवता 🙏 हमें आशीर्वाद दें, हम एसे चरित्र निर्माण करेंकि जिस राह को चुने,उस पर नीति से चले,श्रद्धा और परिश्रम से कदम बढ़ाते रहें। हम एसी सोच का निर्माण करेकि मन का विश्वास आंतरिक है, बाह्य नहीं,दूसरों पर आधारित न रहें,आत्मविश्वास और आत्मबल से कदम बढ़ाते रहें। आप से बस यही प्रार्थना है। प्रभात... Continue Reading →
उपनिषद वचन
"अन्नं ब्रह्म।" यह वचन उपनिषद में है, जिसका सीधा सीधा शाब्दिक अनुवाद करें तो एसा होगा कि भोजन ब्रह्म है। [अंग्रेजी में फुड इज गोड( Food is God)] पर इतने महत वचनों के सीधे सीधे शाब्दिक अनुवाद नहीं होते, एसे वचनों को समझना पड़ता है, गहराई के भाव को जानना पड़ता है। "अन्नं ब्रह्म" का... Continue Reading →
#संस्कृत #योग / SANSKRIT QUOTES WITH MEANING (3)
योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः । Translation:yogaścittavṛttinirodhaḥ । English Translation:Yoga is restraining the mind-stuff (Chitta) from taking various forms (Vrittis). हिंदी अनुवाद:चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है । source: resanskrit.com ( patanjali"s yoga sutra) Buy Now: Jivan Ke ShabdAmazon Link: Jivan Ke Shabd
🌼प्रभात प्रार्थना (1)🌼
हे परमेश्वर 🙏 आप से बस यही प्रार्थना है, हमारे भीतर, कुरूपी अज्ञान सेहम मुरझा गये हैं। आप की कृपा से,हमारे भीतर, ज्ञान रूपी,सुंदर पुष्प खिल उठे। आपकी कृपा से,हम सत्कर्म और भक्ति से,ज्ञान की महक फैलाते रहें।यह एक विचार, आंतरिक शक्ति का महत्त्व दर्शाता है, भीतर हैं हमारे प्राण, भीतर है हमारा केंद्र, भीतर... Continue Reading →
स्वयं अपना नेतृत्व करें (Be Your Own Leader )
प्रेम को मांगते रहने के बजाय प्रेम का स्रोत बनें।प्रेम के दाता बनें।दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय प्रेरणा का स्रोत बनें।प्रेरणा के दाता बनें।ज्ञान का स्रोत बनें।स्वयं अपना नेतृत्व करें। Translation in English: Become a source of love instead of begging for love.Become a giver of love.Become a source of motivation instead of depending... Continue Reading →
