घर…
घर जैसे सूरज की रौशनी
जैसे सूरज के बिना हमारी दुनिया नहीं चलती,
वैसे घर के बिना हमारी दुनिया नहीं चलती।
घर तो जैसे,
धूप में छांव है।
डूबते को सहारा है।
चैन से बैठना, चैन से सोना,
चैन से सांस लेना, चैन से जीना।
घर से ही तो नसीब में होता है।
घर में अपनों का प्यार व साथ मिलता है
हमारा जीवन खुशियों से भर जाता है
हमारा जीवन ख़ूबसूरत बन जाता है ।

bahut sundar!!!
Thank you so much for your appreciation 🙏