हाइकु काव्य रचना (2)
रौशनी तु है,
तेरा दिपक तु है,
तु ही सब है।
रौशनी तु है,
तेरा दिपक तु है,
तु ही सब है।
शिव मेरे शिव,आप को सत् सत् वंदन।आप ही भोलेनाथ और आप ही महादेव,आप ही महाकाल और आप ही आदिदेव। रूप अनेक है मेरे शिव के,सौम्य रूप भी आपका,रौद्र रूप भी आपका,नटराज रूप भी आपका। तीन हैं नेत्र शिव के,भस्म है तन पे शिव के,वस्त्र है बाघ खाल का तन पे शिव के,सर्प है गले में…
અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,પ્રસન્નતા ની આજે!જાણે કે પરમ આનંદ નાં,પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે! हिंदी में अनुवाद अंतर महक उठा है,प्रसन्नता से आज!जैसे कि परम आनंद के फूल खिले हो आज!
अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे। पहले तो मन परहावी हो जाती थीलोगों की बातें। अब मैंने मन कोमज़बूत कर लिया। जब पता चलाकि लोगों की तोदोहरी मानसिकता है। ज़मीर ही नहीं है लोगों काजैसे हवा का रुख़ बदलता हैवैसे ही लोगों के मत बदलते हैं। इसलिए अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे।
प्रेम करती हूँ तुम से,इसलिए मेरी हाँ में हाँ मिलाना, एसी ज़बरदस्ती नहीं करूंगी।सिर्फ स्व-केन्द्रित बनना ही, प्रेम नहीं। प्रेम करती हूँ मेरे अपनों से,इसलिए मेरी इच्छा पूर्ति ही करते रहो,एसी ज़बरदस्ती नहीं करूंगी।सिर्फ स्व-केन्द्रित बनना ही, प्रेम नहीं। प्रेम करती हूँ सब को,इसलिए मुक्तता देती हूँ सब को,क्योंकि प्रेम को बांधा नहीं जाता। प्रेम करती हूँ सब…
आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी…
दिल टूटता है तो,आवाज़ नहीं होती बाहर,पर अंदर बहुत ही,शोर मच जाता है। एक आंधी मच जाती है,जो हिलाकर रख देती है। आंखों से नीर बह जाते हैं,होंठों पे शब्द जम जाते हैं।मन सवालों से घिर जाता है,जज़्बात आघातों से घिर जाते हैं। Translation in English: When heartbreaks,There is no sound outside,But inside is so…
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Bilkul sahi… Sundark rachna… 🙂
bahut bahut dhanyavad