शिव भक्ति की महिमा

शिवो भूत्वा शिवं यजेत।अर्थात्शिव बनकर ही शिव की पूजा करें। इसका यह मतलब है कि हर एक जीव शिव का ही अंश है, यह अनुभूति के साथ उनकी पूजा करें। आराधना करें तो शिव में खोकर करें। हम शिव से अलग नहीं है, हम शिव का ही अंश है, यह विचार मात्र से ही भगवान... Continue Reading →

शिव षडक्षर स्तोत्र अर्थ सहित (६ अक्षर: ॐ नमः शिवाय)

शिव भगवान का पंचाक्षर मंत्र है:नमः शिवाय।और षडक्षर मंत्र है:ॐ नमः शिवाय। मंत्र के साथ, स्तोत्र भी है। आप पंचाक्षर स्त्रोत भी पढ़ सकते है, लिंक:शिव पंचाक्षर स्तोत्र आज मैं षडक्षर स्तोत्र की जानकारी प्रदान करूंगी। स्तोत्र: ॐ कारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिन:।कामदं मोक्षदं चैव ॐ काराय नमो नमः।।१।। नमंति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा:।नरा नमंति... Continue Reading →

शिव पंचाक्षर स्तोत्र (५ अक्षर: नमः शिवाय)

स्तोत्र को पढ़ने से पहले, हमे इस स्तोत्र की पूर्व भूमिका को समझना पड़ेगा, तो ही हम अच्छी तरह से शिव स्तोत्र समझ पाएंगे। शिव पंचाक्षर स्तोत्र, शिव पंचाक्षर मंत्र से आधारित है। शिव पंचाक्षर मंत्र- नम: शिवाय। हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है, पृथ्वी, जल,अग्नि, वायु और आकाश। शिव मंत्र के पांच अक्षर,... Continue Reading →

महा मृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ मंत्र का अर्थ:- ॐ- यह ईश्वर का वाचक है, परब्रह्म का प्रतिक है। हम त्रि- नेत्र वाले (तीन आंखें) शिवजी का पूजन करते है, जो पवित्र सुगंध धारण करते है, हमे पोषित करते है (स्वास्थ्य, सुख और संपत्ति में वृद्धि करते है), जो हमारा पोषण करके... Continue Reading →

शिव मेरे शिव ( Audio with lyrics)

शिव मेरे शिव, आप को सत् सत् वंदन। आप ही भोलेनाथ और आप ही महादेव, आप ही महाकाल और आप ही आदिदेव। रूप अनेक है मेरे शिव के, सौम्य रूप भी आपका, रौद्र रूप भी आपका, नटराज रूप भी आपका। तीन हैं नेत्र शिव के, भस्म है तन पे शिव के, वस्त्र है बाघ खाल... Continue Reading →

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