प्रेम के छह लक्षण (Six signs of love)

ददाति प्रतिगृह्णाति गुह्यमाख्याति पृच्छति।भुङ्क्ते भोजयते चैव षड्विधं प्रीतिलक्षणम्।। अर्थात्: देना, लेना, एक-दूसरे के रहस्य बताना, रहस्य के बारे में कुछ भी पूछना, खाना और खिलाना -- ये छह प्रेम के संकेत हैं। सच ही कहा है, प्रेम में कुछ भी छिपा नहीं होता है, कुछ भी पूछ सकते हैं और सब कुछ बता सकते हैं,... Continue Reading →

International Day of Yoga संस्कृत मंत्र से, योग का महत्व

पतंजलि प्रार्थनायोगेन चित्तस्य पदेन वाचांमलं शरीरस्य च वैद्यकेन ।योऽपाकरोत्तमं प्रवरं मुनीनां पतञ्जलिं प्राञ्जलिरानतोऽस्मि ॥ हिंदी में अनुवाद:मन की चित्त वृत्तियों को को योग से, वाणी को व्याकरण से और शरीर की अशुद्धियों को आयुर्वेद द्वारा शुद्ध करने वाले मुनियों में सर्वश्रेष्ठ महर्षि  पतंजलि को में दोनों हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।इस श्लोक को योगाभ्यास के शुरू में गाया जाता है।'योग' शब्द संस्कृत से लिया गया है... Continue Reading →

उपनिषद वचन

"अन्नं ब्रह्म।" यह वचन उपनिषद में है, जिसका सीधा सीधा शाब्दिक अनुवाद करें तो एसा होगा कि भोजन ब्रह्म है। [अंग्रेजी में फुड इज गोड( Food is God)] पर इतने महत वचनों के सीधे सीधे शाब्दिक अनुवाद नहीं होते, एसे वचनों को समझना पड़ता है, गहराई के भाव को जानना पड़ता है। "अन्नं ब्रह्म" का... Continue Reading →

#संस्कृत #योग / SANSKRIT QUOTES WITH MEANING (3)

योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः । Translation:yogaścittavṛttinirodhaḥ । English Translation:Yoga is restraining the mind-stuff (Chitta) from taking various forms (Vrittis).​ हिंदी अनुवाद:चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है । source: resanskrit.com ( patanjali"s yoga sutra) Buy Now: Jivan Ke ShabdAmazon Link: Jivan Ke Shabd

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