#quote #mother

A mother is a poem, A poem of wisdom; A poem of selfless love and care, The poetry of a mother gives shine to a child's life. Happy Mother's day to all!

मेरी माँ

क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?सब से निराली है, मेरी माँ। चेहरे पर हंसी, दिल में परोपकार का भावस्वभाव एसा कि हमेशा लोगों को ठंडक दे। मेरी माँ निर्मल मन की मूरत है,मेरी माँ निश्छल मन की मूरत है। मुझ से ही उसकी पूरी दुनिया है,मुझ से ही उसकी सारी खुशियां है। शांत मिज़ाज... Continue Reading →

ममता के कई रूप #Happy Women’s Day

स्त्री का हर रूप, ममता की मूरत है,बेटी हो या बहन, पत्नी हो या माँ हो,हर रूप ममता से छलकता है। एक बेटी अपने पिता कीहर छोटी-छोटी बात का ख्याल रखती है,ये ममता का ही रूप है। एक लड़की अपने भाई पर,बेशुमार प्यार लुटाती है,ये ममता का ही रूप है। एक स्त्री अपने परिवार कीपूरे... Continue Reading →

મા

મા છે એક જ શબ્દ, પણ જાણે કે હજાર શબ્દ બરાબર, આ એક જ શબ્દ! મા એટલે મમતાનું બીજું નામ, મા એટલે મીઠાશનું બીજું નામ, મા એટલે માધુર્યતાનું બીજું નામ! મા એટલે આપણા લાડનો સરવાળો, મા એટલે એની સગવડોની બાદબાકી પણ, મા એટલે આપણી સગવડોનો ગુણાકાર, મા એટલે સ્વાર્થનો સંપૂર્ણ ભાગાકાર! એટલે જ તો, મા... Continue Reading →

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