तूने जीने का सलीका सिखा दिया

प्रेम के जज़्बात को समझने कासलीका सिखा दिया तूने। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। शब्दों की उलझन में न रहकरनज़रअंदाज करना सिखा दिया तूने। रिश्तों को ख़ूबसूरती से जीने कासलीका सिखा दिया तूने। जब स्नेह अतूट होता है,तब शब्द मायने नहीं रखते है। प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं,यह सिखा दिया तूने। ए... Continue Reading →

खुलकर जीने का मतलब

हम जीवन तो जीते है,पर क्या खुलकर जीते है? खुलकर जीना मतलबजीवन को निभा लेना।कोसे बिन जी लेना। कोसते कोसते और रोते रोते जीना नहीं है।पर हंसते-हंसते और जीगर से जीना है। खुलकर जीना मतलबमुश्किलों का सामना करना है,मुश्किलों से डरना नहीं है। खुलकर जीना मतलबहर हालात को स्वीकार करना है,हर हालात से अनुभव पाना... Continue Reading →

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