धनतेरस पर कुछ पंक्तियां

आज का दिन देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है और आरोग्य के देवता धन्वंतरि से भी जुड़ा हुआ है। आज ही के दिन देवता धन्वंतरि प्रकट हुए थे, जो आयुर्वेद के देव है, इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी कहा जाता है। इसीसे प्रेरणा लेकर मैंने स्वास्थ्य, धन, सुख, समृद्धि और इन सब के आध्यात्मिक दृष्टिकोण... Continue Reading →

भक्ति रस पर कुछ पंक्तियां

हे कान्हा,तेरी भक्ति में ओतप्रोत हो गई हूं। एसा मन होता हैकि मेरे नयनों से,तेरे मनमोहक रूप को निहारती रहूं। एसा मन होता हैकि मेरे कानों से,तेरी बांसुरी की धुन सुनती रहूं। एसा मन होता हैकि मेरी वाणी से,तेरी लीला के बारे में बोलती रहूं। हे मुरलीधर, बस यही प्रार्थना हैकि तेरी भक्ति करने से,... Continue Reading →

दुर्गा माता के नव स्वरूप (सातवां स्वरूप)

काल (समय) का नाश करने वाला स्वरूप। अंधकार रूपी अज्ञान का विनाश करने वाला स्वरूप। असुरी शक्ति का विनाश करने वाला कालरात्रि स्वरूप है। दुर्गा माता का यह स्वरूप हमे बुरी शक्तियों से बचाती है, हमारा डर दूर करते है और निडर बनाकर रक्षा करते है। हमारे अज्ञान के कारण हमे जो डर लगता है,... Continue Reading →

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