भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु (तीसरा भाग)
भगवान दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाए। वे कहते थे कि जिस किसी से भी जितना सीखने को मिले, हमें अवश्य ही उन्हें सीखने का प्रयत्न अवश्य करना चाहिए। उनके 24 गुरुओं में वेश्या, बालक, चंद्रमा, कुमारी कन्या, कबूतर, पृथ्वी, सूर्य, वायु, मृग, समुद्र, पतंगा, हाथी, आकाश, जल, मधुमक्खी, मछली, टीटोड़ी पक्षी, अग्नि, सर्प, तीर (बाण)…
