#ग़ज़ल ज़िंदगी में जश्न का गीत गुनगुनाना है,ग़मों की दास्तान सुनाना मन को भाता नहीं है। जब खुद के ही सुर पा ले यह मन,तब दूसरों से मिले ग़म की परवाह नहीं रहती है। जब खुद की ही लय में झूम उठे यह दिल,तब किसी से कोई फ़रियाद नहीं रहती है। जब खुद की ताल... Continue Reading →
ख़ूबसूरत तराना बन गया #podcast
तुम सुर बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत तराना बन गया। तुम राग बनकर आए,तो मेरे जीवन का ख़ूबसूरत साज़ बन गया। तुम गीत हो, मैं तुम्हारे शब्द हूँकुछ एसा ही प्यारा रिश्ता है हमारा। हमारे रिश्ते से जीवन का नया अर्थ मिला,जीवन की धुन को नया संगीत मिला।
