विचारों में परिवर्तन

हर पल नया है,हर पल नये बनो तुम। एक ही सोच पर चलोगे,तो कहीं थम जाओगे तुम। समय के परिवर्तन के साथ,विचारों को परिवर्तित करो तुम। नये नये अनुभवों से,नयी सोच बनाओ तुम। समय के परिवर्तन के साथ,प्रकृति में भी परिवर्तन आता है। तुम्हारे भीतर भी परिवर्तन कीरौशनी जगाओ तुम। नयी उंचाई को छूनेनयी राह... Continue Reading →

गुरु के लिए नया नज़रिया दर्शाती हुई कविता! (दूसरा भाग)

गुरु का महत्व- संस्कृत श्लोक (पहला भाग) भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु (तीसरा भाग) ગુરુ એ જ આધાર प्रेरकः सूचकश्वैव वाचको दर्शकस्तथा । शिक्षको बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः ॥भावार्थ :प्रेरणा देनेवाले, सूचन देनेवाले, (सच) बतानेवाले, (रास्ता) दिखानेवाले, शिक्षा देनेवाले, और बोध करानेवाले – ये सब गुरु समान है । मैंने इस स्तोत्र से प्रेरणा लेकर एक रचना लिखी... Continue Reading →

भिन्नता का रंग

हर दिन एक सा नहीं,हर दिन की अलग कहानी। एक दिन प्रसन्नता में बितता है,तो एक दिन खिन्नता दस्तक दे जाती है। एक दिन उत्साह में बितता है,तो एक दिन बोरियत दस्तक दे जाती है। एक दिन अनुकूलता में बितता है,तो एक दिन प्रतिकूलता दस्तक दे जाती है। एक दिन स्पष्ट परिस्थितियों में बितता है,तो... Continue Reading →

#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 4

આ મારા વ્હાલા નેઆ મારા અળખામણા,આવી મનોવૃત્તિ હતી પહેલા.પણ જ્યારથી અંતર માં હું જપ્રેમ ના પુષ્પો ખીલવી ને,પ્રેમ ની સુગંધ વેરુ છું,ત્યારથી બધા જ મને વ્હાલા લાગે છે! हिंदी में अनुवाद पहले मुझे कुछ लोग प्यारे थे,और कुछ लोग प्यारे नहीं थे,कुछ एसी थी, मेरी मनोवृत्ति।पर जब से प्रेम के फूल,खिले हैं अंतर में मेरे,तब... Continue Reading →

#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 3

અંતર માં સુગંધ પ્રસરી છે,પ્રસન્નતા ની આજે!જાણે કે પરમ આનંદ નાં,પુષ્પો ખીલ્યાં છે આજે! हिंदी में अनुवाद अंतर महक उठा है,प्रसन्नता से आज!जैसे कि परम आनंद के फूल खिले हो आज!

अंदाज़ है मेरा नया!

यह कविता जीवन में कुछ नया करने की चाहत महसूस हो या ज़रुरत महसूस हो, तब हमारे मन में जिस तरह के भाव उठते हैं, उसके बारे में है। अब नया पन्ना खुलेगा,मेरे जीवन की किताब में से। पढ़ना है नया पन्ना,नये रुप के साथ। करना है नया,लिखना है नया।बोलना है नया,जीना है नया।मिलना है... Continue Reading →

मैं तो उन पर बलिहार गई!

परमात्मा से प्रीति होना, उनमें ही खो जाना और जीवन जीना - यही सार है, इस ख़ूबसूरत कविता का।यह कविता प्रेम रस और भक्ति रस से ओतप्रोत है।मैंने जब यह रचना पढ़ी, मुझे बेहद ख़ूबसूरत लगी, जो मैं आप सबके साथ साझा करना चाहती हूँ। कविता: वेणी में तारक-फूल गूंथ,निशि ने मेरा शृंगार किया;राका-शशि ने... Continue Reading →

पूर्णता का नया जहां

एक नया जहां बसाएं,जिसमें पूर्णता की रौशनी हो,जिसमें पूर्णता की चांदनी हो। प्रेममय बन जाने से,सिर्फ प्रेम को बांटने से,पूर्णता का एहसास होगा। प्रेम को सिर्फ मांगते रहने से,अपूर्णता का एहसास होगा। आनंदमय बन जाने से,आनंदित प्रकृति होने से,पूर्णता का एहसास होगा। व्यथा और उदासी से,अपूर्णता का एहसास होगा। आत्म-निर्भर बन जाने से,खुद का विकास,... Continue Reading →

तुम्हारा साथ

तुम्हारा साथ मतलब खूबसूरत पल। तुम्हारा साथ मतलबआज के लिए, बहुत सारी खुशियां,कल के लिए, बहुत सारी यादें। तुम्हारा साथ, मुझे उर्जा देता है,जैसे फूलों की सुगंध उर्जा देती है,जैसे सूर्य की किरण उर्जा देती है। तुम्हारा साथ, मुझे फिर से जीवंत बनाता है,जैसे एक संगीतकार को सुर जीवंत बनाता है,जैसे एक गीतकार को शब्द... Continue Reading →

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