मेरी माँ

क्या कहूं मैं, कैसी है मेरी माँ?सब से निराली है, मेरी माँ। चेहरे पर हंसी, दिल में परोपकार का भावस्वभाव एसा कि हमेशा लोगों को ठंडक दे। मेरी माँ निर्मल मन की मूरत है,मेरी माँ निश्छल मन की मूरत है। मुझ से ही उसकी पूरी दुनिया है,मुझ से ही उसकी सारी खुशियां है। शांत मिज़ाज... Continue Reading →

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