परिवार की रौनक़

आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी हक़ीक़त!... Continue Reading →

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