मेरे कान्हा (મારો કૃષ્ણ)

मेरे कान्हा..जिनसे ही जगत में मधुरता है,जिनसे ही जगत में सब रस है। मेरे कान्हा..जो श्रीमद भगवद गीता से मार्गदर्शन देते हैं,जो जगत गुरु बनके मार्गदर्शन देते हैं। मेरे कान्हा..जो प्रेम अवतार हैं,जो परम तत्व हैं। Translation in Gujarati મારો કૃષ્ણ..જેનાથી જ જગતમાં મધુરતા છે,જેનાથી જ જગતમાં સર્વ રસો છે. મારો કૃષ્ણ..જે શ્રીમદ ભગવદ ગીતા... Continue Reading →

भक्ति रस पर कुछ पंक्तियां

हे कान्हा,तेरी भक्ति में ओतप्रोत हो गई हूं। एसा मन होता हैकि मेरे नयनों से,तेरे मनमोहक रूप को निहारती रहूं। एसा मन होता हैकि मेरे कानों से,तेरी बांसुरी की धुन सुनती रहूं। एसा मन होता हैकि मेरी वाणी से,तेरी लीला के बारे में बोलती रहूं। हे मुरलीधर, बस यही प्रार्थना हैकि तेरी भक्ति करने से,... Continue Reading →

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