परिवार की रौनक़

आँख लग गई मेरी निंदिया में, नींद दे गई निंदिया रानी, और दे गई एक प्यारा सपना। सपने में देखा मैंने, एक खुशहाल ज़िंदगी है, हंसता खेलता एक परिवार है, प्यार सम्मान के तोहफें हैं, विश्वास की एक डोर है। फिर अचानक आवाज़ आई कुछ, और उड गई नींद, तूट गया सपना और दिखाई पडी हक़ीक़त!... Continue Reading →

तेरे साथ से नये मायने मिले

तेरा साथ ही काफी है। जब किसी हालात से टूट जाती हूं मैं,तब तुझ में सिमट जाती हूं मैं। तुझ में ही बिखरकर,टूट जाती हूं मैं। फिर तेरा मुझे सकारात्मकता से रूबरू करवाना,फिर तेरा मुझे भरोसा दिलाना। मुझसे ज्यादा तेरा मुझ में विश्वास करना,मुझे फिर से जोड़ देता है। तेरे साथ से ही नये मायने... Continue Reading →

Website Powered by WordPress.com.

Up ↑