मेरी पहली किताब

मैं आप सभी के साथ मेरा पहला कविता संग्रह "जीवन के शब्द" के बारे में साझा करना चाहती हूँ। मैंने इस कविता संग्रह में ज़िंदगी के विभिन्न पहलुओं को सुंदर शब्दों में पिरोया है। रोज़-बरोज की ज़िंदगी में जो मुश्किलें आती हैं रिश्तों में, सपनों को पाने के लिए, हमारे कार्य क्षेत्र में, उनका समाधान... Continue Reading →

डर को हरा दे

तुने राह चुन ही ली है,तो राह पर चलने में,संदेह क्यों करता है? मन में विश्वास जगा दे,मन से डगमगाना क्यों? राह ढूंढने में मेहनत की है,तो राह पर चलने की मेहनत से,घबराहट क्यों महसूस करता है? मन में विश्वास जगा दे,मन से डगमगाना क्यों? मन को बुलंदकर,डर को हराकर,राह पर आगे क्यों नहीं बढ़ता... Continue Reading →

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