दुर्गा माता के नव स्वरूप (आठवां स्वरूप)

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  • दुर्गा माता का यह स्वरूप अंत्यंत गौर है, इतने गौर जैसे की शंख या चंद्र, इसलिए इस स्वरूप को महागौरी कहा गया है।

  • दुर्गा माता का यह रूप, हमें अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए ज्ञान प्रदान करता है, एसी परिस्थितियां आती है, जब हमें पूरा बदलाव लाना पड़ता है, सोच को बदलने की जरूरत होती है, तब माता हमे ज्ञान देते है कि कैसे परिस्थिति से तालमेल लाकर जीना है।

  • महागौरी स्वरूप, हमें संकिर्ण दृष्टिकोण (Narrow perspective) से मुक्ति देता है और व्यापक दृष्टिकोण(broader perspective) का द्वार खोलता है।

  • अगर आप किसी भी मामले में या किसी भी प्रकार से भ्रमित (Confuse) है, तो महागौरी स्वरूप आप को स्पष्टता देगा।

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त्रिदेवी की आराधना का पर्व

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नवरात्री कीहार्दिक शुभकामनाएं।

नवरात्री का पर्व आया है,
नवदुर्गा शक्ति का पर्व आया है।

भक्ति के रंग में डुबना है,
आध्यात्मिक विकास करना है।

त्रिदेवी की आराधना में खुद को खो देना है,
त्रिदेवी की आराधना से खुद को संवारना है।

खुद के दु:खों से उपर उठना है,
खुद में प्रसन्नता को ढूंढना है।

काली स्वरूप तमस का प्रतीक है,
यह स्वरूप से प्रेरणा लेनी है;

मन से जड़ता दूर करनी है,
मन की कमज़ोरी दूर करनी है,
सकारात्मकता की रौशनी फैलानी है।

लक्ष्मी स्वरूप रजस का प्रतीक है,
यह स्वरूप से सिखना है;

धन को मेहनत से पाना है,
कर्म में सक्रियता व सच्चाई को लाना है,
विचारों में रचनात्मकता को लाना है।

सरस्वती स्वरूप सत्व का प्रतीक है,
यह स्वरूप से सिखना है;

खुद के अज्ञान को दूर करना है,
खुद में निर्मलता व सौम्यता को लाना है,
कला से जीवन को सजाना है।

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गणेश उत्सव

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गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

गणेश उत्सव यानी
भक्ति का उत्सव,
गणेश जी के अनोखे स्वरुप का उत्सव;
गणेश जी के प्रतीक से प्रेरणा लेने का उत्सव,
प्रेरणा लेकर वैसे ही गुणों को विकसित करने का उत्सव;
गणेश जी की भक्ति से मन की मलिनता मिटाने का उत्सव;
गणेश जी की भक्ति से मन को निर्मल बनाने का उत्सव।

गणेश जी के अन्य ब्लॉगः

गणपति भगवान के १२ नाम और अर्थ (ગણપતિ ભગવાનના ૧૨ નામ અને અર્થ)

गणपति भगवान के प्रतीक और अर्थ (ગણપતિ ભગવાનના પ્રતીક અને અર્થ)

गणेश स्त्रोतम्

गणेश विसर्जन मंत्र और संदेश

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गुरु के लिए नया नज़रिया दर्शाती हुई कविता! (दूसरा भाग)

गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं

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गुरु का महत्व- संस्कृत श्लोक (पहला भाग)

भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु (तीसरा भाग)

ગુરુ એ જ આધાર

प्रेरकः सूचकश्वैव वाचको दर्शकस्तथा ।
शिक्षको बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः ॥
भावार्थ :
प्रेरणा देनेवाले, सूचन देनेवाले, (सच) बतानेवाले, (रास्ता) दिखानेवाले, शिक्षा देनेवाले, और बोध करानेवाले – ये सब गुरु समान है ।

मैंने इस स्तोत्र से प्रेरणा लेकर एक रचना लिखी है। रचना में मैंने कहा है कि हम कैसे अपने बुरे दौर में भी सकारात्मक और गतिशील रह सकते हैं और कुछ लोगों से मिले बुरे अनुभव को भी एक आकार दे सकते हैं। जैसे कि स्तोत्र में कहा है कि हर कोई गुरु समान है, जिससे हमने कुछ सीखा है।

रचना: नया नज़रिया!

मुझे रास्ते से भटकाने के लिए,
तुमने मेरा रास्ता, कांटों से भर दिया।
पर मैंने तो कांटों पर
चलना सीख लिया।

मुझे परेशान करने के लिए,
तुमने मेरे साथ, बुरा बर्ताव किया।
पर मैंने तो धैर्य और सहनशीलता का

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#संस्कृत #योग / SANSKRIT QUOTES WITH MEANING (3)

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योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः ।

Translation:
yogaścittavṛttinirodhaḥ ।

English Translation:
Yoga is restraining the mind-stuff (Chitta) from taking various forms (Vrittis).​

हिंदी अनुवाद:
चित्त की वृत्तियों के निरोध का नाम योग है ।

source: resanskrit.com ( patanjali”s yoga sutra)

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#International Day of Yoga #संस्कृत मंत्र से, योग का महत्व

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पतंजलिप्रार्थना

योगेनचित्तस्यपदेनवाचां
मलंशरीरस्यचवैद्यकेन ।
योऽपाकरोत्तमंप्रवरंमुनीनां
पतञ्जलिंप्राञ्जलिरानतोऽस्मि॥

हिंदी में अनुवाद:

मन की चित्त वृत्तियों को को योग से, वाणी को व्याकरण से और शरीर की अशुद्धियों को आयुर्वेद द्वारा शुद्ध करने वाले मुनियों में सर्वश्रेष्ठ महर्षि पतंजलि को में दोनों हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।

इस श्लोक को योगाभ्यास के शुरू में गाया जाता है।

‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुटहोना

आज योग का 6 वां अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहल की गई थी, यह दुनिया के लिए भारत की तरफ से उपहारहै इसलिए आज योग, सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि कई अलग अलग-अलग देशों में प्रसिद्ध हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए श्री नरेंद्र मोदी के शब्द:

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है; विचार और कार्य (क्रिया); संयम और पूर्णता…

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