भीड़ में ही रहती हूँ,क्योंकि अकेले में रह नहीं पाती। भीड़ के माहौल में खो जाती हूँ,क्योंकि अपने गम में न खो जाऊं। नये माहौल की ही तलाश में रहती हूँ,क्योंकि जो माहौल है, वो चुभता है। हर पल घुटन है,हर पल विश्वसनीयता की कमी है,हर पल बनावटी बातें है। चुभन एक सज़ा बन चुकी... Continue Reading →
आत्मज्ञान का एक विचार/ The idea of Enlightenment
स्वयंज्योति: स्वयंप्रज्ञा भवतु। हिंदी में अर्थ: स्वयं ही अपना प्रकाश बनो और स्वयं ही अपनी विवेक बुद्धि का प्रयोग कीजिए। Translation in English: Be your light by yourself and implement your wisdom by yourself in life.
तुने ही नया रूप दिया
शुक्रिया अदा करना चाहूंगी तुम्हारा!तुने ही मुझे आकार दिया। मेरे अल्हड़पन कोप्यार और सम्मान कीठंडक देती हुईगिली मिट्टी कोऔर थोड़ी शिस्तता लाने के लिएसख्ती के रवैये कीआग में ढालकरसमझ का आकार दिया। शुक्रिया अदा करना चाहूंगी तुम्हारा!तुने ही मुझे नया रूप दिया।
मुझे इंतज़ार है
जो खोया है तुने, कुछ तुझ में,वो ढूंढने के लिए तुझे,है अभिलाषा एकांत की। तेरी खोई हुई धुन पा ले,मैं दूंगी तुझे एकांत। मैं नहीं हूं स्वार्थी,कि मेरी धुन में तुझे बांध लू। मैं सारेगम अपना बनाउंगी,तू पधनीसा अपना बना ले। हम दोनों फिर,अपनी अपनी धुन गुनगुनाएंगे। हम दोनों फिर,अपनी जीवन धुन बनाएंगे। मुझे इंतज़ार... Continue Reading →
आज की सुबह कुछ खास है
ताजगी भरी आज की सुबह,खुशनुमा भरी आज की सुबह। आज की सुबह कुछ खास है,आज की सुबह कुछ संदेश लाई है। सूर्य की किरणें जैसे दिल के भाव से,ताल से ताल मिलाकर कह रही हो। अब तेरी मेहनत रंग लाएगी,अब तेरी मंज़िल नज़दीक है। तुने जो तप किया था,उस पर विजय पाना नज़दीक है। अंत:... Continue Reading →
प्रेम की गरिमा
प्रेम करती हूँ तुम से,इसलिए मेरी हाँ में हाँ मिलाना, एसी ज़बरदस्ती नहीं करूंगी।सिर्फ स्व-केन्द्रित बनना ही, प्रेम नहीं। प्रेम करती हूँ मेरे अपनों से,इसलिए मेरी इच्छा पूर्ति ही करते रहो,एसी ज़बरदस्ती नहीं करूंगी।सिर्फ स्व-केन्द्रित बनना ही, प्रेम नहीं। प्रेम करती हूँ सब को,इसलिए मुक्तता देती हूँ सब को,क्योंकि प्रेम को बांधा नहीं जाता। प्रेम करती हूँ सब... Continue Reading →
खामोशी के कुछ पहलू
परिवार में एक-दो सदस्यों की खामोशी, परिवार की एकता बनाए रखती है। कुछ लोगों की खामोशी, कुछ रिश्तें की आबरू बचा लेती है। कई बार, जो कार्य शब्द नहीं कर सकते हैं, वो कार्य खामोशी कर जाती है। खामोशी के कुछ पहलू एसे होते हैं कि ज़िंदगी को बदसूरत बनने से रोक लेती है और... Continue Reading →
રાખ થઈ જાય સંબંધો / राख हो जाए रिश्तें (#લઘુકાવ્ય #लघुकाव्य – 2)
બળતી રહે લાગણીઓઅભિમાન હાવી થવાનીઆગમાંઅનેરાખ થઈ જાય સંબંધો! हिंदी में अनुवाद जलती रहेभावनाएँअहम के हावीहोने की आग में औरराख हो जाए रिश्तें!
इश्क में डूबे हम
है इश्क में डूबे से हम,बने है जब से हमसफ़र हम। मैं छलकती हूँ,शब्दों से।वो छलकता है,खामोशियों से। मुझे अच्छा लगता है,उसकी ख़ामोशी की गहराई में डूबना।उसे अच्छा लगता है,मेरे शब्दों की चंचलता में डूबना। है इश्क में डूबे से हम,बने है जब से हमसफ़र हम।
