संस्कृत श्लोक अर्थ सहित- (2) / SANSKRIT QUOTES WITH MEANING

1. एतदपि गमिष्यति। Translation in Englishaetahdapi gamishyati।This too shall pass.हिंदी में अर्थयह भी गुज़र जाएगा। 2. भूतकाल, वर्तमान और भविष्य काल के लिए (For past, present and future tense) नातिक्रान्तानि शोचेत प्रस्तुतान्यनागतानि चित्यानि । Translation in Englishnātikrāntāni śoceta prastutānyanāgatāni cityāni ।One should not regret what is past. One should only think of the present and future.​... Continue Reading →

ख़ूबसूरत रिश्ता पति-पत्नी का (1)

यह रिश्ता ही कुछ ऐसा है,जिसमें लेने से ज़्यादा,देने में मज़ा मिलता है।यह एक रिश्ता पति-पत्नी का है। जिसमें प्यार की कली खिली हो,जिसमें प्यार की महक उठी हो।बस प्यार ही प्यार बेशुमार हो,यह एक रिश्ता पति-पत्नी का है। जैसे बाती बिना दीया अधूरा,वैसे पत्नी बिना पति अधूरा!जैसे चांदनी बिना रात अधूरी,वैसे पति बिना पत्नी... Continue Reading →

हम नासमझ है

ज़िंदगी ने हमें, सब कुछ दिया,बेहतर ज़िंदगी के लिए, सब कुछ दिया। पेड़-पौधें, ज़मीन, पानी, हवाप्रकृति देकर एहसान किया। पर हम नासमझ है,प्रकृति को प्रदूषित कर दिया। लालच बढ़ाते गये,और प्रकृति को बिगाड़ते गये। प्रकृति को बिगाड़ते बिगाड़ते,जब ज़िंदगी बदतर होने लगी तब जाकर प्रकृति कीक़ीमत होने लगी। क़ीमत भी तब हुई,जब ज़िंदगी के लिएजूझ... Continue Reading →

एक परिंदा

एक परिंदा हूँ,जीवन गगन में, आज़ाद हूँ। पहले पिंजरे में केद थी,अपनी खुशियों के लिए,दूसरों पर आश्रित थी। पहले पिंजरे में केद थी,अपने जीवन के विकास के लिए,दूसरों पर आश्रित थी। अब खुद पर एतबार है,खुद के दम पर, मेहनत करके,जीवन को उमंग से जीना है। एक परिंदा हूँ,जीवन गगन में, आज़ाद हूँ।

दोहरी मानसिकता

अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे। पहले तो मन परहावी हो जाती थीलोगों की बातें। अब मैंने मन कोमज़बूत कर लिया। जब पता चलाकि लोगों की तोदोहरी मानसिकता है। ज़मीर ही नहीं है लोगों काजैसे हवा का रुख़ बदलता हैवैसे ही लोगों के मत बदलते हैं। इसलिए अब परवाह नहीं हैकि लोग क्या कहेंगे।

आग्रह छोड़ो, नज़रिया बदलो

जीवन में हम जिस सोच पर चलते हैं, उस सोच से कई बार परिणाम का अनुमान लगा सकते हैं और वो अनुमान सच भी होता है, परंतु कई बार एसा ना भी हो, परिणाम का अनुमान गलत भी हो सकता है, तो इस बात को देखने के दो तरीके हैं। पहला तरीका: कुछ लोग इसे,... Continue Reading →

परिवार की नींव/ Foundation of family [Family illustration-3]

કુટુંબની એકતા [UNITY OF FAMILY] [FAMILY ILLUSTRATION- 1] BEAUTY OF FAMILY -FAMILY ILLUSTRATION- 2 [ENGLISH VERSION] परिवार की सुंदरता (भावनाएं)(FAMILY ILLUSTRATION-2) (HINDI VERSION) संवाद:संबंध को मजबूत करने और गलतफहमी से बचने के लिए एकदम ज़रूरी है। स्वीकार:परिवार के हर सदस्य के गुण-अवगुण को स्वीकार करना चहिए, नकारात्मक तरीके से नहीं देखना चाहिए और ना ही सिर्फ... Continue Reading →

परिवार की सुंदरता (भावनाएं)(Family Illustration-2) (Hindi version)

કુટુંબની એકતા [UNITY OF FAMILY] [FAMILY ILLUSTRATION- 1] BEAUTY OF FAMILY -FAMILY ILLUSTRATION- 2 [ENGLISH VERSION] परिवार की सुंदरता एक-दूसरे के प्रति अपनेपन की भावना में, विश्वास की भावना में, और एकता की भावना में है।तो हम क्यों असुरक्षा महसूस करते हैं, संदेह पैदा करते हैं, हमेशा एक-दूसरे का विरोध करते रहते हैं और क्यों... Continue Reading →

उलझनें – जीवन का हिस्सा

चलते रहिए, चलते रहिएसारी उलझनों के साथ,चलते रहिए। करते रहिए, करते रहिएअपने कार्य (कर्तव्य) करते रहिए।चलते रहिए। उलझनें तो जीवन का हिस्सा है,उलझनों के साथ चलना,सीखते रहिए। उलझनें तो जीवन में अवसर है,हमारी प्रगति का अवसर,चलते रहिए। रुकिए मत, रुकिए मतगर उलझनों का सैलाब भी आ जाए,चलते रहिए। चलते चलते, धीरे धीरेसारी उलझन, सुलझन में बदल... Continue Reading →

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