आज का युग

पूर्व युग में भगवान को पूजते थे, और आज के युग में पैसों को पूजते है। द्वापर युग में तो कृष्ण की लीलाएं थी, और

इश्क

जो रुहको रुहसे मिला दें, वो ही तो इश्क है! जो मूझे तेरी परछाई बना दें, वो ही तो इश्क है! दिल है मेरा, पर

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