नाझ है

नाझ है हमें, हमारे हर बचपने के लिए, क्योंकी आप बचपना दूर करने में लग गए, और हम आपके रंग में रंग गए। नाझ है

एक पल

एक पल में ही जिंदगी बदलती है, या तो जिंदगी सवरती है, या तो जिंदगी सिखाती है। एक पल में ही जिंदगी बदलती है, या

घर

घर क्या होता है ये घर? घर है सूरज की रौशनी। जैसे सूरज के बिना हमारी दुनिया नहीं चलती, वैसे घर के बिना हमारी दुनिया

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