मन

जिसने अपने मन को जीत लिया है, उसे कोई भी हरा नहीं सकता। इसलिए तो कहा जाता है कि “जिसने मन जीता, उसने जग जीता”।

सवेरा तब होगा

सवेरा तो रोज़ होता है,पर हमारा सवेरा तब होता है,जब हमारे दुर्गुणों का सूरज डूबता हैऔर सद्गुणों का सूरज उगता है। जब हम दूसरों की

हुनर पा लिया

हैरानी से पूछा करते हैं कुछ लोग मुझे,तुम हमेशा मुस्कान लिए ही फिरते रहते हो,उदास नहीं होते क्या कभी?तो मैंने मुस्कुराते हुए ही बोला। हूजूर

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