#International Day of Yoga #संस्कृत मंत्र से, योग का महत्व

पतंजलि प्रार्थना

योगेन चित्तस्य पदेन वाचां
मलं शरीरस्य च वैद्यकेन ।
योऽपाकरोत्तमं प्रवरं मुनीनां 
पतञ्जलिं प्राञ्जलिरानतोऽस्मि ॥

हिंदी में अनुवाद:

मन की चित्त वृत्तियों को को योग से, वाणी को व्याकरण से और शरीर की अशुद्धियों को आयुर्वेद द्वारा शुद्ध करने वाले मुनियों में सर्वश्रेष्ठ महर्षि  पतंजलि को में दोनों हाथ जोड़कर नमन करता हूँ।

इस श्लोक को योगाभ्यास के शुरू में गाया जाता है।

‘योग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना

आज योग का 6 वां अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहल की गई थी, यह दुनिया के लिए भारत की तरफ से उपहार है इसलिए आज योग, सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि कई अलग अलग-अलग देशों में प्रसिद्ध हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए श्री नरेंद्र मोदी के शब्द:

योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है; विचार और कार्य (क्रिया); संयम और पूर्णता; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य; स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण, इन सबका प्रतीक है। यह सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वयं को खोजना, दुनिया और प्रकृति के साथ खुद का सामंजस्य बनाकर रखना है। हमारी प्रगति के लिए और स्वास्थ्य के लिए, हमें हमारी जीवन शैली को बदलना होगा और चेतना पैदा करनी होगी। चलो! हम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करें।

श्री नरेंद्र मोदी

मैं भी आप सभी को बस यही संदेश देना चाहूंगी कि हम शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक प्रगति के लिए प्रयास करें। योग को शुरू करें।

Translation in English:


I bow down with folded palms to Sage Patanjali, the most exalted among the contemplative sages, who is removed impurity of the mind-content through yoga, of speech through grammar and of the body through Ayurveda.

The word ‘yoga‘ is derived from Sanskrit which means to join or to unite.

Today is the 6th international day of Yoga. It is gift of India to the world, was taken initiative by Shree Narendra Modi that’s why yoga is famous all over the world.

Words of Shree Narendra Modi for international yoga day:

Yoga is an invaluable gift of India’s ancient tradition. It embodies unity of mind and body; thought and action; restraint and fulfillment; harmony between man and nature; a holistic approach to health and well-being. It is not about exercise but to discover the sense of oneness with yourself, the world and the nature. By changing our lifestyle and creating consciousness, it can help in well being. Let us work towards adopting an International Yoga Day.

Shree Narendra Modi

I just convey this message to all of you that let’s work on our physical, mental and spiritual wellbeing! Let’s start Yoga!

Mantra source: artofliving.org

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