हू में तैयार (Poem In Hindi Language)

सिख लिया सुरजकी तरह रौशनी फैलाना,

सिख लिया बादलोके साथ चलना,

सिख लिया सागरकी लेहरोके साथ खेलना,

सिख लिया फूलोकी तरह सुगंध फैलाना.

हा हू में तैयार जिंदगी जीने के लिये!

सिख लिया पेड़ोकी तरह छाव देना,

सिख लिया भवरोके साथ गुंजना,

सिख लिया तितलीसे सुंदर रहेना,

सिख लिया बच्चोसे खुश रेहना.

हा हू में तैयार जिंदगी जीने के लिये!

चल रही हू इन सबके साथ,

बह रही हू इन सबके साथ,

उड़ रही हू इन पंछियों के साथ,

मुस्कुरा रही हू इन सबके साथ.

हा हू में तैयार जिंदगी जीने के लिये!

संगीत के सुरोके साथ गा रही हू,

ताल से ताल मिला रही हू,

बारिश के साथ भीग रही हू,

पवन के साथ उड़ रही हू.

हा हू में तैयार जिंदगी जीने के लिये!

हा हू में तैयार,

जिंदगी को जिंदगी बनाने के लिए,

खुश रहनेके लिए और सबको खुश करनेके लिये,

अपनी जिंदगीकी भेट सबको देने के लिये,

अपनी जिंदगीकी महक सबको महसूस करवानेके लिये.

हा हू में तैयार…!

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